न्यूयॉर्क टाइम्स से / सफाई में जल्दबाजी न करें, डिसइंफेक्ट से पहले सतह क्लीन करें; दूसरे वायरस और बैक्टीरिया की तुलना में कोरोना तेजी से साफ होता है

न्यूयॉर्क टाइम्स से / सफाई में जल्दबाजी न करें, डिसइंफेक्ट से पहले सतह क्लीन करें; दूसरे वायरस और बैक्टीरिया की तुलना में कोरोना तेजी से साफ होता है





कुछ क्लीनिंग प्रोडक्ट सैनेटाइज कर बैक्टेरिया को खत्म करते हैं। इनके इस्तेमाल से वायरस नहीं मरते हैं।






  • बैक्टीरिया और वायरस को मारने के लिए डिसइंफेक्ट प्रोडक्ट लेबल पर दिए समय के हिसाब से सफाई करें

  • अगर किसी सतह पर पहले से गंदगी की परत जमी है, जो बैक्टीरिया को बचा रही तो सफाई बेहद जरूरी है


तारा पार्कर पोप. कोरोनावायरस फैलने के बाद से ही हम सफाई की ओर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं। घर पर हम लगातार हर छूने वाली चीज को साफ कर रहे हैं। लेकिन कई बार हम इसे सिर्फ औपचारिक तौर पर पूरा करते हैं। जल्दबाजी में हल्के हाथ से सफाई या स्प्रे कर छोड़ देते हैं, जबकि यह एकदम गलत है। तेजी से सफाई करने के कारण प्रोडक्ट को सतह पर काम करने का मौका नहीं मिल पाता और गंदगी बनी रहती है।


कंपनियों के डिसइंफेक्ट प्रोडक्ट पर अलग-अलग तरह के निर्देश दिए होते हैं। कुछ कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स पर यह भी लिखती हैं कि उपयोग करने से पहले सतह को साफ करें। इन चेतावनियों और निर्देशों के कारण यह कंफ्यूजन बना रहता है कि आखिरकार असरदार तरीके से सफाई कैसे की जाए? सफाई का सही तरीका क्या है? इस तरह के सवालों के जवाब दे रहे हैं साइंटिस्ट और माइक्रोबायोलॉजिस्ट।


कीटाणुओं को पूरी तरह साफ करने के लिए डिसइंफेक्ट को सतह पर कितनी देर के लिए रखना जरूरी है?



  • सही वक्त जानने के लिए प्रोडक्ट के लेबल की जांच करें। यह वक्त 30 सेकंड से लेकर कई मिनटों तक का हो सकता है। ध्यान रखें कि कुछ प्रोडक्ट सैनिटाइज करने का दावा करते हैं। जिसका मतलब है वे कुछ बैक्टीरिया के स्तर को कम करते हैं, न कि वायरस हटाते हैं। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन सेंट लुइस चिल्ड्रंस हॉस्पिटल के डॉक्टर एंड्रयु जैनोस्की बताते हैं कि जितनी देर तक सतह पर रखेंगे, उतना बेहतर है। मैं घर पर प्रोडक्ट को सफाई से पहले सतह पर करीब एक मिनट तक छोड़ता हूं। 

  • खास बात है कि एक ही कंपनी के अलग-अलग प्रोडक्ट्स के क्लीनिंग टाइम में भी फर्क होता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि इस प्रोडक्ट से कौन से वायरस और बैक्टीरिया खत्म होंगे। एक क्लीनिंग प्रोडक्ट निर्माता देश की नियमों के हिसाब से कड़ी टेस्टिंग से गुजरता है। फिर भी आपको प्रोडक्ट लेबल पर दिए गए समय पर ध्यान देना चाहिए। खासतौर से अगर आपके घर में कोई बीमार है। 


डिसइंफेक्ट के इस्तेमाल से पहले सतह को साफ करने की जरूरत है?



  • डॉक्टर वेबर के मुताबिक, अगर सतह पर पहले से गंदगी की परत जमी है, जो बैक्टीरिया को बचा रही तो सफाई जरूरी है। सतह पर डिसइंफेक्ट के इस्तेमाल से पहले टुकड़े जैसा कुछ जमा हुआ है तो साफ करना होगा। प्रोडक्ट को सफाई करने के लिए सतह पर रुके जर्म्स को साफ करना होगा।


लेबल पर 4 मिनट तक डिसइंफेक्ट करने की सलाह है, क्या इतनी देर तक रुकना जरूरी है?



  • परड्यू यूनिवर्सिटी में फूड साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर और माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैले ऑलिवर के मुताबिक, जब वाइप्स का लैब में टेस्ट किया जाता है तो प्रक्रिया इसके सूखने तक चलती है। आपको पूरे चार मिनट तक साफ करने की जरूरत नहीं है। इसका मकसद है, वाइप करना और चार मिनट तक सूखने देना। 

  • हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार, डॉक्टर ऑलिवर और सहयोगियों ने बैक्टीरिया से भरे 6 इंच के फॉर्मिका स्क्वायर को डिसइंफेक्ट प्रोडक्ट से चार बार साफ किया। 6 में से 5 प्रोडक्ट सतह पर लेबल के कॉन्टेक्ट टाइम तक गीले रहे। जबकि एक प्रोडक्ट 15 सेकंड में सूख गया, लेकिन यह भी जर्म्स को मारने में कारगर रहा।


हर सतह को साफ करने के लिए अलग-अलग वाइप्स की जरूरत होती है?



  • आप एक वाइप को दूसरी सतहों पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। वाइप के गीले रहने का मतलब है कि उसपर क्लीनर बाकी है। आपको इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि ऑर्गेनिज्म फैलेंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक ही वाइप को दूसरे कमरों तक नहीं लाना चाहिए। उदाहरण के लिए आप बाथरूम में इस्तेमाल की गई वाइप को रूम में नहीं लगा सकते।

  • डॉक्टर ऑलिवर बताते हैं कि अब तक आधिकारिक गाइडेंस नहीं है, जिससे पता चल सके कि एक वाइप कितनी सतह को साफ कर सकती है। अगर आप सूखे हुए वाइप से साफ कर रहे हैं तो हो सकता है कि आप ऑर्गेनिज्म को फैला रहे हैं।


कोरोनावायरस को खत्म करने के लिए कौन सा क्लीनर सही होगा?



  • प्रोडक्ट्स के लेबल पर यह साफ लिखा होता है कि इसे कौन से वायरस और बैक्टीरिया पर टेस्ट किया गया है। लेकिन कोविड 19 फैलाने वाले SARS-CoV-2 वायरस क्लीनिंग प्रोडक्ट्स टेस्ट नहीं किए गए हैं। हालांकि अच्छी खबर है कि नया कोरोनावायरस को साफ करना आसान है। संभावना है कि अगर आप कॉन्टेक्ट टाइम को फॉलो नहीं कर रहे हैं, तो भी वायरस मर सकता है। 

  • ब्रिघम एंड वुमन्स हॉस्पिटल में संक्रामक रोगों के प्रमुख और हार्वर्ड स्कूल स्कूल में प्रोफेसर डॉक्टर डैनियल आर कुरित्ज्के बताते हैं कि यह ध्यान रखना चाहिए कि यह रिकमेंडेशन सामान्य हैं और वायरस को खत्म करने के समय पर आधारित हैं। उदाहरण के तौर पर स्टाफ एंड स्ट्रेप को SARS-CoV-2 की तुलना में साफ करना ज्यादा कठिन है। प्रोडक्ट का कम समय रहना भी कोविड 19 से बचने के लिए प्रभावी है। 



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