सभी देशों को पछाड़कर सुपरपावर पावर बनेगा भारत : ज्योतिषाचार्य एवं भविष्यवक्ता सुभाष सक्सेना



इतिहास साल २०२० को हमेशा याद रखेगा  


सभी देशों को पछाड़कर सुपरपावर पावर बनेगा भारत : ज्योतिषाचार्य एवं भविष्यवक्ता सुभाष सक्सेना


सन २०२० के आते ही कोरोना ने देश और दुनिया में दस्तक दी और तमाम देश इस महामारी से उतपन्न पीड़ा और आर्थिक संकट की चपेट में है। पर इस साल में अन्य क्या कुछ और होने वाला हे उसको जानने की कोशिश है।

इस विक्रम सम्वत २०७७ का नाम शर्वरी हे जिसका शाब्दिक अर्थ होता है रात का अँधेरा और जिस प्रकार अंधेरे में देखना मुश्किल होता है उसी प्रकार देश और दुनिया में स्थिति रहस्यमय और आनिश्चिंता की बानी रहेगी। कोरोना वायरस का प्रकोप तो घटता नज़र आ रहा है पर अन्य कुछ महत्पूर्ण मुद्दों जो की सामने आ सकते है उन पर नज़र डालते है ।

पंचांग सूत्रों के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य या सामान्य से कम होगा फसलों के लिए अच्छा। तेल और तिलहन में तेजी और स्टॉक मार्किट में पूरे साल उठापटक बानी रहेगी परन्तु दिवाली के बाद कुछ तेजी आएगी। कमोडिटी मार्किट में और  सोने तथा चांदी में तेजी बानी रहेगी। आर्थिक मन्दी का दौर विक्रम सम्वत २०७८ से ख़त्म होगा और भारतवर्ष अगले कुछ साल मे इकनोमिक सुपर पावर बन जायेगा

साल २०२० के आने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण

साल २०२० के शेष समय में दो सूर्य ग्रहण और तीन  चंद्र ग्रहण पड़ेंगे यह एक खगोलीय घटना हे   परन्तु देश दुनिया पर इसका नकारात्मक असर दिखाई देता है   चंद्र ग्रहण का असर स्थानीय  स्तर पर ही रहता हे परतु सूर्य ग्रहण का प्रभाव वैश्विक रहता हे इसलिए सूर्य ग्रहण का आंकलन बहुत जरूरी होता हे। चंद्र ग्रहण जून ५-६ जुलाई ४-५ तथा नवंबर २९-३० को पड़ेंगे। और ये सभी पेनुम्ब्राल ग्रहण है।

पहला सूर्य ग्रहण २१ जून २०२० को मिथुन राशि में हैं तथा इस समय चार गृह वक्री हैं और सूर्य तथा चंद्र मृगषिरा नक्षत्र में हैं  तथा बुध और राहु की युति भी इसी राशि में हैं मंगल गृह के जल राशि मीन में प्रवेश  होना तथा शुक्र वृषभ राशि में वक्री हैं तथा
 शनि और गुरु की युति मकर राशि में हैं और यह दोनों गृह वक्री हैं यह सब संकेत दे रहे हैं की देश विदेश में  भूकंप, चक्रवाती तूफान, ज्वार भाटा और मौसम में बड़े  बदलाव आ सकते हैं जिसका दूरगामी परिणाम  हो सकते हैं।

दूसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण १४ दिसंबर २०२० को है और यह शीत सोलसिटिस के कुछ दिन पहले वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र पर है । गुरु और शनि की युति और वह  सिर्फ एक डिग्री के अंतर में है गुरु अपनी नीच राशि में है तथा सूर्य अपने सबसे  दक्षिण स्थान में और अन्य ग्रहो की गोचर स्थति के अनुसार यह  विश्व में कई बहुत बढ़े बदलाव के संकेत दे रहा हे। कई देशो में राजनीतिक परिवर्तन होगा, जनता का आक्रोश अपनी चरम सीमा पर होगा कुछ देश अपनी मिलिट्री शक्ति का उपयोग  भी कर सकते है ।

अमरीका में सत्ता परिवर्तन निश्चित ।

अमरीका में राष्ट्रपति का चुनाव नवंबर २०२० में होना हे इस चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प रिपब्लिकन पार्टी के दावेदार रह सकते है ।
 डोनाल्ड ट्रम्प के जन्म १४ जून १९४६ समय १०।४६ सुबह जैमिका न्यू यॉर्क अनुसार आकाशगंगा में सिंह लग्न है और वृश्चिक राशि है । जून २०२० के बाद उनकी चंद्र की महादशा शुरू होनी हे।चंद्र नीच राशि में होकर केतु के साथ हे और गद्दंता दोष भी हे अर्थात जून के बाद उनका समय फिर से चुनाव जीतने के लिए शुभ नहीं हे।और यह भी हो सकता हे की जून के बाद उन पर महाभियोग फिर से लाने की कोशिश हो। चुनाव के समय जनता का आक्रोश तथा रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स में आपसी तनाव अपनी चरम सीमा पर होगा जो की अमेरिका में पहली बार देखा जायेगा। बराक ओबामा और जो बिडेन की भूमिका चुनाव में अहम् होगी ।अमरीका मे इस राजनीतिक उठा पटक के दौरान आर्थिक बाजार मे फिर गिरावट आ सकती है ।

चीन की अर्थ व्यवस्था पर काले घने बादल ।

प्यूपिल रिपब्लिक ऑफ़ चीन की जन्म कुंडली १ अक्टूबर १९४९ को समय १५।;०१ और बीजिंग के आधार से बनाई गई हैं। इस समयानुसार मकर लग्न हैं तथा चंद्र श्रावण नक्षत्र में होकर लग्न में हैं राहु तृतीया भाव  में मंगल सप्तम भाव  में शनि अष्टम भाव में तथा सूर्य बुध और केतु की युति नवमे भाव और शुक्र और गुरु क्रमशः दसमें और बारवे भाव में हैं।
चीन के चार्ट के अनुसार शनि महादशा २०२० में शुरू हुई और क्योकि शनि लग्नेश हैं तथा दशंशा चार्ट में लाभ स्थान में अपनी स्वराशि कुम्भ राशि में हैं इसलिए चीन के लिए खासतौर पर व्यापर और समृद्धि के लिए बहुत ही उत्तम समय रहा। शनि महादशा १९ साल की रहती हैं और यह अक्टूबर २०१९ को समाप्त हो गयी। वर्तमान में बुध की महादशा चल रही हैं और बुध वक्री तथा गुलिका और माँदी से युति में हैं यह नकारात्मक संकेत है तथा चीन अपनी आर्थिक महाशक्ति को बनाये रखने में नाकाम रहेगा तथा जनता का आक्रोश भी जिनपिंग के लिए बढ़ता  दिखेगा ।

कुल मिलाकर यह पूरा वर्ष देश और दुनिया के लिए बड़ा चुनौती पूर्ण रहने वाला है परतु जैसे हर रात के बाद सवेरा आता है उस प्रकार से हम सबको अच्छे भविष्य के आने की प्रतीक्षा करनी चाहिए जिसमे अब ज्यादा समय नहीं लगेगा ।

सुभाष सक्सेना
ज्योतिषाचार्य  भोपाल मध्य प्रदेश

मोबाइल नंबर - 917999696099



 


Popular posts
उत्तराखंड के चारधाम / बद्रीनाथ को रोज चढ़ाई जाती है बद्रीतुलसी, यहां के बामणी गांव के लोग बनाते हैं ये माला
सीमा विवाद पर भारत की दो टूक / अफसरों ने कहा- चीन बॉर्डर से अपने 10 हजार सैनिक और हथियार हटाए, ऐसा होने पर ही पूरी तरह शांति कायम होगी
प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ योगेश दुबे मुंबई की राजकुमार सोनी से बातचीत
Image
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव / अश्वेतों की नाराजगी भुनाने में जुटे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन, युवाओं को लुभाने के लिए डिजिटल कैंपेन भी चलाएंगे
कोरोना इफेक्ट / एमिरेट्स एयरलाइंस ने 600 पायलटों और 6500 केबिन क्रू को निकाला, सितंबर तक कर्मचारियों की सैलरी में 50% कटौती जारी रहेगी