हरियाली अमावस्या : गुरुपुष्य और पंच महायोग 125 वर्ष बाद

 हरियाली अमावस्या गुरुवार 1 अगस्त 2019 को गुरुपुष्य योग के साथ साथ पंच महायोग का संयोग भी बन रहा है। पंच महायोग का यह संयोग 125 सालों बाद बन रहा है। इस दिन गुरुपुष्य योग के साथ साथ सिद्धि योग, शुभ योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का संयोग है। इस योग में देवी-देवाताओं और  मां पार्वती की पूजा की जाती है इस पंचमहा संयोग में पूजा करने वाले व्यक्ति की सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी और मनोवाछित फल की प्राप्ति होगी.

ज्योतिषाचार्य पं.एच सी जैन ने कहा कि 31 जुलाई सुबह 11 बजकर 57 मिनट से अमावस्या तिथि की शुरुआत हो जाएगी जो 1 अगस्त को सुबह 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। इस दिन हरियाली अमावस्या को पौधारोपण का खास महत्व शास्त्रों में बताया गया है।

दरअसल मान्यता है कि वृक्षों में देवी-देवताओं का निवास होता है इसलिए इस दिन पौधा लगाना शुभ माना गया है। साथ ही पर्यावरण को शुद्ध बनाये रखने उत्तम वर्षा  के लिए भी बृक्षों का होना जरूरी है इस समय उनका रोपण आसानी से होजाता है। इसके साथ ही हरियाली अमावस्या पर पितरों को भी प्रसन्न किया जा सकता है।  इसके लिए व्यक्ति को इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान औऱ श्रद्धाकर्म कर दीपदान करने से वे प्रशन्न होकर व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी करते है।  कहा जाता है कि ऐसा करने से पितृदोष ,राहु,केतु की बाधा दूर होती है।

अतः परिवार की सुख,संमृद्धि के लिए  इस दिन एक बृक्ष हर मनुष्य को लगाना चाहिए और पवित्र नदी में या गंगाजल युक्त जल से स्नान कर पितरों को याद करना चाहिए।

 

- ज्योतिषाचार्य डॉ पं. एच सी जैन

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