उज्जैन / लॉकडाउन में महाकालेश्वर मंदिर के नंदीगृह से पांच लोगों को दर्शन कराए, कलेक्टर ने सहायक प्रशासक को पद से हटाया

उज्जैन / लॉकडाउन में महाकालेश्वर मंदिर के नंदीगृह से पांच लोगों को दर्शन कराए, कलेक्टर ने सहायक प्रशासक को पद से हटाया





महाकाल दर्शन की जानकारी मंदिर प्रबंध समिति को बुधवार को मिली थी, जिसके बाद जांच की गई।






  • महाकालेश्वर मंदिर में केवल पूजन-आरती के समय पुजारियों के ही प्रवेश की अनुमति है

  • मंगलवार शाम 6 बजे पांच श्रद्धालुओं को धर्मशाला गेट से अंदर लाकर नंदी गृह से दर्शन कराए गए


उज्जैन. महाकालेश्वर मंदिर में लॉकडाउन के दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के मामले में कलेक्टर ने सहायक प्रशासक को गुरुवार काे पद से हटा दिया। लॉकडाउन के चलते देशभर के धर्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित है। यही स्थिति महाकालेश्वर मंदिर में भी है, लेकिन मंगलवार शाम मंदिर में सुरक्षाकर्मी की मदद से पांच लोगों को मंदिर के गर्भगृह के सामने नंदी गृह से दर्शन कराए गए। यह मामला मंदिर प्रबंध समिति की जानकारी में बुधवार को आया। इसके बाद जांच की गई।


यह बहुत ही आपत्तिजनक घटना, क्षमा करने योग्य नहीं
मामले में कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि यह बहुत ही आपत्तिजनक बात है। पूरी तरह से लॉकडाउन है। उज्जैन रेड जोन में शामिल है। ऐसे में सभी धार्मिक स्थल पर पुजारी के अलावा अन्य किसी के भी पूजन-अर्चन करने पर प्रतिबंध है। ऐसे में यह घटना क्षमा करने योग्य नहीं है। सहायक प्रशासक जोशी उस दौरान मंदिर में मौजूद भी थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से सहायक प्रशासक पद से पृथक कर दिया है। वहीं, जितने भी लोग हैं, उनके खिलाफ धारा -188 के तहत केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि आगे भी इस प्रकार का कोई प्रकरण सामने आता है तो धारा-188 के साथ ही महामारी एक्ट समेत अन्य धाराओं में भी केस दर्ज किया जाएगा।


शाम 6 बजे पांच श्रद्धालुओं को करवाए दर्शन


महाकालेश्वर मंदिर में केवल पूजन-आरती के समय पुजारियों के ही प्रवेश की अनुमति है। श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसके चलते मंगलवार शाम 6 बजे पांच श्रद्धालुओं को धर्मशाला गेट से अंदर लाकर नंदी गृह से दर्शन कराए गए। इस घटना के फोटोग्राफ्स और वीडियो वायरल होने पर बुधवार को मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष कलेक्टर आशीष सिंह ने इसका संज्ञान लिया। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज से मामले की जांच की गई। बताया जा रहा है कि मंदिर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी के कहने पर सुरक्षा गार्ड ने पांच लोगों को नंदी गृह में ले जाकर दर्शन कराए। सीसीटीवी फुटेज से इन दर्शनार्थियों की पहचान करने की भी कोशिश की जा रही है।


गार्ड बोला- अफसर ने दी अनुमति
सुरक्षा गार्ड से पूछताछ की गई तो उसने सहायक प्रशासनिक अधिकारी का नाम लिया है। अधिकारी के कहने पर वह पांच लोगों को मंदिर में ले गया था। लॉकडाउन में दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के कारण किसी वीआईपी को भी अनुमति नहीं है।



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