मध्य प्रदेश में लघु उद्योगों को फिर से खड़ा करने के लिए राहत पैकेज देगी सरकार


कोरोना संकट से गुजर रहे मध्य प्रदेश में सरकार लघु एवं छोटे उद्योगों को फिर से खड़ा करेगी। बुधवार को मंत्रालय में आयोजित लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन उद्योगों को राहत एवं रियायत देने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि सरकार बिजली के फिक्स चार्ज, प्रॉपर्टी टैक्स में छूट सहित अन्य राहत दे सकती है। सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हाल ही में मंडी एक्ट में संशोधन किया है। ऐसे ही छोटे उद्योगों को राहत पैकेज देने पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने साफ कहा है कि विभाग के अफसर तय करें कि इन उद्योगों को क्या राहत और रियायत दी जा सकती है। उसका अध्ययन करें और प्रस्ताव तैयार करें।


13.84 लाख श्रमिकों को दिया काम
सरकार ने पिछले 15 दिन में 13.84 लाख श्रमिकों को मनरेगा के तहत गांव में ही रोजगार दिया है। रोजगार की समीक्षा बैठक में अफसरों ने यह आंकड़ा पेश किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि घर लौटे मजदूरों को रोजगार दिया जा रहा है। वहीं नए काम भी शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से गर्भ भोजन बनवाकर आंगनबाड़ी के बच्चों को बंटवाया जा रहा है। समूहों को अब तक सौ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। वहीं समूहों ने महामारी के इस दौर में डेढ़ लाख से ज्यादा मास्क बनाए हैं।


प्राइवेट वेयर हाउस में अनाज रखने पर सरकार उठाएगी खर्च
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को राहत देने के लिए एक और पुरानी योजना शुरू कर रहे हैं। किसान अगर अपनी उपज को प्राइवेट वेयर हाउस में रखता है तो उसका खर्च सरकार उठाएगी। शिवराज के पिछले कार्यकाल में यह योजना चलाई गई थी। किसानों को वेयर हाउस में रखी उपज की पर्ची दिखाने पर राशि दी जाती थी।


आर्थिक संकट से निपटने समिति ने रिपोर्ट सौंपी
आर्थिक संकट से निपटने के लिए गठित की गई कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री चौहान को सौंप दी है। आर्थिक मामलों की बैठक में इस पर भी चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री चौहान ने रिपोर्ट के आधार पर अफसरों को बाकी नियमों में बदलाव करने को कहा है। उन्होंने कहा कि ये देखें कि नियमों में बदलाव कर हम क्या राहत दे सकते हैं।


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