जबलपुर में कोरोना संक्रमण से दूसरी मौत

जबलपुर में कोरोना
संक्रमण से दूसरी मौत
जबलपुर। मेडिकल कॉलेज जबलपुर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान विजय नगर जबलपुर निवासी 67 बर्षीय आर के पांडे की सोमवार चार मई की सुबह मृत्यु हो गई। श्री पांडे 26 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाये गये थे। वे लंबे समय से गुर्दे की बीमारी से ग्रसित थे। मेडिकल कॉलेज में कोरोना के इलाज लिये भर्ती होने के करीब सप्ताह भर पहले उनकी कूल्हे में भी फ्रेक्चर हो गया था।
श्री पांडे के परिवार की दुखद स्थिति यह रही कि उनका इकलौता पुत्र इस समय स्विट्जरलैंड में तथालड़की विशाखापट्टनम में है। घर पर सिर्फ उनकी पत्नी है। स्वर्गीय आर के पांडे दो भाई हैं उनके छोटे भाई दिनेश पांडे भी विजय नगर में रहते हैं। उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक होने के कारण उन्हें भी कोरोना प्रोटोकाल के तहत स्वर्गीय आर के पांडे की अंत्येष्टि में शामिल होने की अनुमति  नहीं है। छोटे भाई दिनेश पांडे का इकलौता बेटा भी अमेरिका में है, इस कारण वह भी यहां नहीं आ सकता। इस दुख की घड़ी में प्रशासन ने 2 लोगों को अंत्येष्टि में शामिल होने की अनुमति दी थी जिनमें एक उनके साले तथा एक चचेरे भाई का लड़का शामिल हुआ। अंत्येष्टी प्रशासन द्वारा कोरोना पाजिटिव की मृत्यु पर दाह संस्कार के लिए निर्धारित गढ़ा चौहानी ष्मशान भूमि में किया गया। बताया जाता है कि आरके पांडेय उम्र 62 वर्ष निवासी विजय नगर 20 मार्च को बेंगलूरु से विमान से जबलपुर पहुंचे थे जिन्हे होम आइसोलेशन में रखा गया था। इसके बाद वे घर में ही गिर गए जिससे उनकी कमर की हड्डी टूट गई थी।
जांच रिपोर्ट आने से पहले ही हार्ट अटैक सेे एमपीईवी के रियायर्ड अधिकारी मृत :
श्री पाण्डे के अलावा जबलपुर में एमपीईवी के सेवानिवृत अधिकारी राजकुमार प्यासी की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आने से पहले ही सोमवार को ही मौत हो गई। श्री प्यासी के सेम्पल जांच के लिए भेजे गए हंै, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जबलपुर रामपुर सत्यानंद बिहार कालोनी निवासी राजकुमार प्यासी एमपीईवी में कल्याण अध्ािकारी के पद से सेवानिवृत हुए थे। बताया जाता है कि उनके हाथ में दर्द होने के कारण जब सोमवार को पूर्वान्ह वे रामपुर में ही एक निजी अस्पताल गए तो वहां से उन्हे नेपियर टाउन स्थित भंडारी अस्पताल भेज दिया गया। भंडारी अस्पताल से डाक्टरों ने यह कहते हुए लौटा दिया कि पहले कोरोना टेस्ट कराएं। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर विक्टोरिया और फिर मेडिकल अस्पताल पहुंच गए। मेडिकल में उनका कोरोना टेस्ट के लिए सेम्पल लिया गया परंतु उनकी रिपोर्ट आती कि इससे पूर्व ही उनकीहार्ट अटैक से मौत हो गई। श्री प्यासी के शव को भी कोरोन प्रोटोकाल के तहत सीमित परिजनों की मौजूदगी में चौहानी श्मशान भूमि तके अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।


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