लोग आजमा रहे हैं देसी नुस्खे, गर्मी में मांग रहे हैं च्यवनप्राश और शहद


कोरोना में आयुर्वेद का चलन बढ़ा

इंदौर, ग्वालियर, भोपाल। कोरोना  से बचने के लिए इन दिनों लोग देसी नुस्खे तेजी से अपना रहे हैं। काढ़ा हो या दादी-नानी के नुस्खे, ये लोगों में बेहद लोकप्रिय हो गए हैं। सोशल मीडिया में ऐसे वीडियो भी काफी वायरल हो रहे हैं। इस बीच बाजार से ये खबर आ रही है कि कोरोना की वजह से गर्मी में भी च्यवनप्राश और शहद की डिमांड एकदम से बढ़ गयी है। भोपाल में तो  हर मेडिकल स्टोर पर लोग च्यवनप्राश और शहद ढूंढ़ते हुए आ रहे हैं।


इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश
च्यवनप्राश आमतौर पर ठंड में खाया जाता है। ठंड में अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग इसकी नियमित खुराक लेते हैं। लेकिन इस बार कोरोना से बचने के लिए गर्मी में भी लोगों की ये पहली पसंद बना हुआ है। इस कोरोना काल में च्यवनप्राश और शहद की बिक्री बढ़ गयी है। इसकी बिक्री में 30 फीसदी तक का उछाल आ गया है। भोपाल में 2900 मेडिकल स्टोर्स हैं और सब पर इसकी डिमांड है। लोग कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश ले रहे हैं।


हर मेडिकल स्टोर पर डिमांड
इस कोरोना रोना काल में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आम जनता अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। कोई एलोपैथिक दवाई खा रहा है, तो कोई होम्योपैथिक, तो कोई आयुर्वेदिक पर विश्वास कर रहा है। इन दिनों अचानक बाजार में च्यवनप्राश और शहद की बिक्री बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दवा बाजार में इसकी डिमांड है। आयुर्वेदिक स्टोर पर इसकी बिक्री में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है। भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अनुसार च्यवनप्राश और शहद की बिक्री में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। इंदौर, ग्वालियर, भोपाल के मेडिकल स्टोर्स पर इसकी डिमांड भी बड़ी है।
वैसे तो ठंड में इम्यूनिटी बूस्ट करने और शरीर में गर्मी लाने के लिए आयुर्वेदिक औषधि च्यवनप्राश और शहद की डिमांड रहती है। लेकिन इन दिनों बीते 1 महीने में कोरोना महामारी के कारण च्यवनप्राश और शहद की बिक्री में 30फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित जैन ने कहा कि कोरोना महामारी को देखकर दवा बाजारों में कोशिश की जा रही है कि सभी तरह की दवाइयां लोगों को उपलब्ध करा सकें।


शहर में 2900 मेडिकल स्टोर
ललित जैन ने बताया कि शहर में करीब 2900 मेडिकल स्टोर है, जो आम जनता की सेवा के लिए इस महामारी में भी खुले हैं। उन्होंने बताया कि च्यवनप्राश और शहद ऐसा उत्पाद हैं जिसकी मांग आमतौर पर ठंड के दिनों में होती है। लेकिन इस बार कोरोना महामारी की वजह से मार्च-अप्रैल में इसकी मांग आसमान छू रही है। सप्लाई चेन में विशेष रूप से प्रदेश में किसी तरह की दिक्कत नहीं है।


30 प्रतिशत डिमांड बढ़ी
नए शहर में स्थित मेडिकल स्टोर संचालक सोनू परिहार ने बताया कि गर्मियों में शहद और च्यवनप्राश की बिक्री ठंड के मुकाबले कम रहती है। लेकिन इस गर्मी के सीजन में कोरोना की वजह से ठंड से ज्यादा डिमांड शहद और च्यवनप्राश की हो रही है। पहले 1 दिन में तीन 4 किलो शहद और च्यवनप्राश बिकता था लेकिन अब इसके मुकाबले 30 गुना माल बिक रहा है।


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