कोरोना पॉजिटिव युवती पर संक्रमण फैलाने और पिता-भाई व कजिन पर जानकारी छिपाने का केस दर्ज


- कॉल डिटेल से पकड़ा झूठ

रायसेन। जिले में 34 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। लोगों द्वारा जानकारी छुपाने से कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सबसे अधिक परेशानी आ रही है। वहीं रायसेन के जिस परिवार में कोरोना के संक्रमण में दो लोगों की मौत हुई है, उस परिवार की चिरायु में भर्ती दूसरे नंबर की बहू की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। यह सब देखते हुए कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने कोरोना संक्रमण की जानकारी छिपाने वालों पर मामले दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
मंडीदीप के शीतल टाउन में रहने वाली युवती के खिलाफ कोरोना संक्रमण फैलाने का पहला मामला थाने में दर्ज किया गया है। इस मामले में एक साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। युवती के खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन करने का भी मामला दर्ज किया गया है। इंदौर से आई कोरोना पॉजिटिव युवती ने अपनी हिस्ट्री छुपाकर गलत जानकारी दी। कॉल डिटेल के आधार युवती का झूठ पकड़ा गया। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। युवती के पिता, भाई और मौसेरे भाई पर भी केस दर्ज किया गया है। वहीं युवती के घर से 100 मीटर का क्षेत्र कंटेनमेंट एरिया घोषित किया है। वहीं कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर थूकता है तो उस पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना लगाने का अधिकारी सीएमओ को दिया गया है।
ऐसे आई थी युवती मंडीदीप  
जांच में पता चला कि कोरोना पॉजिटिव युवती मौसेरे भाई के साथ बाइक से इंदौर से मंडीदीप पहुंची। लॉकडाउन को देखते हुए मुख्य मार्गों की जगह वह खातेगांव, औबेदुल्लागंज मार्ग से मंडीदीप आई थी। इतना ही नहीं ओबेदुल्लागंज के एक पुलिस प्वाइंट पर पुलिस द्वारा रोकने पर उसने गलत जानकारी देते हुए बताया कि पास के एक गांव से इलाज के लिए मंडीदीप जा रही है। इस तरह से युवती ने सबको धोखे में रखा। 
ऐसे पकड़ा झूठ
एसडीएम विनीत तिवारी के मुताबिक मंडीदीप निवासी एक युवती इंदौर की लॉ कोचिंग में पढ़ाई कर रही थी। कॉल डिटेल के आधार पर पता चला कि यह युवती कोरोना पॉजिटिव होकर 21 अप्रैल को इंदौर से अपने घर मंडीदीप आई। 23 अप्रैल को उसकी तबियत बिगडऩे के बाद मंडीदीप अस्पताल पहुंची। वहां से डॉक्टरों ने उसे 108 एंबुलेंस से भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद 24 अप्रैल को युवती को सैंपल लिया गया। 26 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई तो उसे चिरायु अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। युवती और उनके परिजनों द्वारा प्रशासन को बताया गया कि वह इंदौर से 21 मार्च को मंडीदीप आई थी। प्रशासन को इस बात पर संदेह हुआ तो युवती की कॉल डिटेल निकलवाई गई। कॉल डिटेल में युवती का झूठ उजागर हो गया और उसके 21 अप्रैल को मंडीदीप आने की पुष्टि हो गई। इस दौरान वह अपने घर पर परिजनों के साथ रही। इसके चलते उसके माता-पिता भाई बहन सहित 6 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है।


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