आशादीप केंद्र के माध्यम से मिलेगी ऑनलाइन परामर्श

आशादीप केंद्र के माध्यम से मिलेगी ऑनलाइन परामर्श

- आर्चडायसिस ऑफ भोपाल का नया प्रयास
भोपाल। कोविड-19 के दौरान और बाद में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का समर्थन करने और उनका पता लगाने के लिए, भोपाल आर्चडायसिस ने 'आशादीपÓ के माध्यम से सभी के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग सेवा के माध्यम से एक नया प्रयास किया है, जिसमें प्रशिक्षित काउंसलरों के द्वारा नि:शुल्क परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें आशादीप केंद्र व्यक्तिगत परामर्श के लिए मनोवैज्ञानिकों और क्लीनिकल मनोवैज्ञानिकों का एक समूह है।

बच्चों को भी मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित कर रहा
आर्चबिशप लियो कॉर्नेलियो ने कहा कि नोवेल कोरोना वायरस महामारी एक ऐसी स्थिति है जो सभी उम्र के लोगों के साथ-साथ विशेष रूप से बच्चों को भी मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित कर रही है। यह महामारी दुख, भय, चिंता, नि:सहाय, अनिश्चितता, अरूचि और निराशा जैसी भावनाओं का कारण बनता जा रहा है। बिना वर्क आउट, बिना आउटिंग और बिना सोशलाइजिंग के घर पर पूरी तरह से बैठना लोगों के लिए चिंता का सबब बन गया है। आशादीप का उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाने और भावनात्मक कल्याण प्रदान करने के साथ मानसिक फिटनेस प्रदान करना है।

मार्गदर्शन प्राप्त करने के इच्छुक लोग व्हाट्सएप, मोबाइल नंबर और ईमेल पते पर परामर्शदाताओं के साथ संपर्क कर सकते हैं:
1. डॉ. रीना राजपूत: 9425080444 (बुधवार और शुक्रवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक)
2. डॉ. विनय मिश्रा: 9425648065 (प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे)
3. डॉ. प्रिया सोनपर: 9425356605 (प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक)
4. जेरार्ड परेरा: 9826726967 (प्रतिदिन सुबह 8 से
रात 8 बजे)
5. रिया परेरा: 8962698567 (प्रतिदिन सुबह 8 से रात 8
बजे)


Popular posts
पेरू की पॉपुलर मंत्री / 35 साल की वित्त मंत्री मारिया बनीं स्टार, कोरोना के बीच आम लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए रिकवरी पैकेज तैयार करने पर तारीफ मिल रही
शुभ संयोग : गुरु पुष्य नक्षत्र 30 अप्रैल : डॉ हुकुमचंद जैन ज्योतिषाचार्य
Image
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव / अश्वेतों की नाराजगी भुनाने में जुटे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन, युवाओं को लुभाने के लिए डिजिटल कैंपेन भी चलाएंगे
लोक अभियोजन अधिकारियों की न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका है - न्यायमूर्ति पाठक
Image
उत्तराखंड के चारधाम / बद्रीनाथ को रोज चढ़ाई जाती है बद्रीतुलसी, यहां के बामणी गांव के लोग बनाते हैं ये माला