अशोकनगर में अनवरत वर्षा से हर तरफ  पानी-पानी

 


दर्जनों मकान हुए जमींदोंज, कई जगह संपर्क कटने से परेशान लोग


अशोकनगर। जिले में मानसून विदाई होते होते भी कोई कसर नहीं छोडऩा चाह रहा है। बीते दो दिनों से हो रही बारिश के चलते हर तरफ पानी पानी ही नजर आ रहा है, जिससे जिला पानी पानी हो गया है। आमतौर पर जिले में सितंबर का दूसरा पखवाड़ा सूखा रहता है या फिर मामूली बारिश होती है। पर इस बार मानसून इस कदर मेहरबान हुआ कि 22 तारीख तक मूसलाधार बारिश जारी है। 
लगातार और तेज बरसात होने से जिलेवासियों के लिए यह बारिश आफत की बारिश बन चुकी है। जिले में हजारों बीघा में खड़ी उड़द और सोयाबीन की फसल को अत्यधिक नुकसान हुआ है। शनिवार की रात से शुरू हुई बरसात पूरी रात हुई। इससे जिले के अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं। रविवार की सुबह मौसम खुला हुआ था इस कारण लोगों ने राहत की सांस ली पर दोपहर में फिर तेज बारिश शुरू हो गई। रात भर बारिश होने के कारण जिला मुख्यालय पर बस्तियों में पानी भर गया है। कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। बारिश से सर्वाधिक नुकसान कच्चे मकानोंं को पहुंचा है। अमाही तालाब के पास बसी आदिवासी बस्ती में करीब आठ दस मकान तेज बारिश के कारण धराशायी हो गए। लोगों के मुताबिक पहले ही बारिश के कारण काफी नुकसान हो चुका है पर अभी तक कोई मदद नही मिली है। अमाही की आदिवासी बस्ती में जिनके मकान गिरे हैं उनमें कोमल सिंह, गजन सिंह,  अतलबाई, सुहाग बाई, अंकेश, श्रीराम, देशराज, लालसाहब, सुकन, रामवीर, धनीराम आदि ने बताया कि मकान गिरने के बाद से या तो पड़ौसी के यहां रह रहे या फिर रिश्तेदारों के घरों में काफी परेशानी आ रही है। जिन्हें देखने क्षेत्रीय विधायक जजपाल सिंह जज्जी पहुंचे थे, जहां उन्होंने मौके से तहसीलदार को सूचना देकर सर्वे करने की बात कही।  शंकरपुर मगरदा में बीती रात की बारिश के कारण रविपाल का मकान ढह गया। तेज बारिश के कारण जिले की अधिकांश नदी नाले उफान पर हैं। चंदेरी, पिपरई आदि में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क मुुख्य मार्गों से कट गया है। पटपरा पुलिया पर एक ट्रैक्टर ट्राली फंस गए थे। जिन्हें बमुश्किल निकाला गया। 
फसलों को भारी नुकसान:जिले में हो रही अनवरत वर्षा के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे किसान काफी सदमे में हैं। फसलों के चौपट होने से किसानों की उम्मीद दम तोड़ रही हैं। दूसरी ओर जिले की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है इस कारण व्यापारियों में भी लगातार हो रही बारिश के कारण काफी चिंता है। क्योंकि यदि अच्छी फसलें नहीं हुई तो व्यापार भी ठप्प हो जाएगा।
मुंगावली में हुई 5 इंच बारिश: जिले में 01 जून से 22 सितम्बर तक सामान्य से अधिक  1278.50 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष इसी दिनांक तक 1022.50 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। जिले की सामान्य औसत वर्षा 882.00 मिलीमीटर है। बीते 24 घंटे में 22 सितम्बर सुबह तक 84.50 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। वर्षामापी केन्द्र अशोकनगर में 75.00 मिलीमीटर, चंदेरी में 46.00 मिलीमीटर, ईसागढ़ में 99.00 मिलीमीटर तथा मुंगावली में 118.00 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।


Popular posts
उत्तराखंड के चारधाम / बद्रीनाथ को रोज चढ़ाई जाती है बद्रीतुलसी, यहां के बामणी गांव के लोग बनाते हैं ये माला
कोरोना इफेक्ट / एमिरेट्स एयरलाइंस ने 600 पायलटों और 6500 केबिन क्रू को निकाला, सितंबर तक कर्मचारियों की सैलरी में 50% कटौती जारी रहेगी
प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ योगेश दुबे मुंबई की राजकुमार सोनी से बातचीत
Image
IIT गांधीनगर की रिसर्च / भारत में नाले के गंदे पानी में कोरोनावायरस होने के प्रमाण मिले, देश में इस तरह की यह पहली रिसर्च हुई
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव / अश्वेतों की नाराजगी भुनाने में जुटे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन, युवाओं को लुभाने के लिए डिजिटल कैंपेन भी चलाएंगे