गार्डों के साए में मनोरम झरना, पर्यटकों के लिए भी किया बंद 


- गत वर्ष १५ अगस्त को अचानक तेज बहाव में फंसकर नौ लोगों की मौत हो गई थी
शिवपुरी। अच्छी बरसात के कारण ऐतिहासिक सुल्तानगढ़ पर वाटरफॉल फिर शुरू हो गया है, लेकिन प्रशासन ने इसे पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। पार्वती व मऊहर की सहायक नदी भकर्रा में पानी के तेज बहाव के कारण ५० फीट ऊंचाई से झरना गिर रहा है। यहां आसपास जंगल व मनोरम स्थल है, लेकिन यहां जाने के सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं। चौकी पर तैनात जवान हरीसिंह ने बताया कि हमें ऊपर से आदेश हैं कि किसी भी पर्यटक को आगे न जाने दिया जाए, क्योंकि वहां पर खतरा है। दरअसल, गत वर्ष १५ अगस्त को अचानक तेज बहाव में फंसकर नौ लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार के स्थान पर पिकनिक स्पॉट ही बंद करा दिया। सुल्तानगढ़ के कुंड में १२ महीने पानी रहता है, लेकिन झरना सूखा रहता है। बारिश में यहां पार्वती, मऊहर और भकर्रा नदी और जंगली इलाकों के एक अधिक से दर्जन बरसाती झरनों का पानी यहां आकर मिलता है। झरने से गिरकर ये पानी नरवर के पास हरसी डेम में जाता है। 
इनका कहना है
हमने सुरक्षा की दृष्टि से सुल्तानगढ़ जाने वाले रास्ते पर गार्ड लगाए हैं। गत वर्ष के हादसे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। बाकी लोगों को हम जागरूक भी करते हैं। सैलानी ये बात समझते भी हैं और नियम फॉलो भी करते हैं।
- राजेश सिंह, एसपी, शिवपुरी 


Popular posts
उत्तराखंड के चारधाम / बद्रीनाथ को रोज चढ़ाई जाती है बद्रीतुलसी, यहां के बामणी गांव के लोग बनाते हैं ये माला
कोरोना इफेक्ट / एमिरेट्स एयरलाइंस ने 600 पायलटों और 6500 केबिन क्रू को निकाला, सितंबर तक कर्मचारियों की सैलरी में 50% कटौती जारी रहेगी
प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ योगेश दुबे मुंबई की राजकुमार सोनी से बातचीत
Image
IIT गांधीनगर की रिसर्च / भारत में नाले के गंदे पानी में कोरोनावायरस होने के प्रमाण मिले, देश में इस तरह की यह पहली रिसर्च हुई
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव / अश्वेतों की नाराजगी भुनाने में जुटे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन, युवाओं को लुभाने के लिए डिजिटल कैंपेन भी चलाएंगे