ब्रेन स्ट्रोक से बचाने बनाया अखरोट और विधारा का अर्क


- चूहों पर प्रयोग में 80 फीसदी तक लाभ

ग्वालियर। जीवाजी यूनिवर्सिटी के फार्मेसी विभाग में छात्र और शिक्षकों ने मिलकर ब्रेन स्ट्रोक से बचाव के लिए हर्बल एक्सट्रेक्ट (अर्क) तैयार किया है। चूहों पर इसका प्रयोग कर लिया गया है। इसमें चूहों को 80 फीसदी तक लाभ हुआ है। इसके बाद इस फॉर्मूले को पेटेंट कराने के लिए भेजा गया है। इस अर्क को फॉर्मेसी के प्रो. मुकुल तेलंग और उनके शोध छात्र भगत सिंह जायसवाल ने बनाया है। 
देश में पिछले 5 साल में ब्रेन स्ट्रोक के मामले ज्यादा सामने आए हैं। इस पर जेयू के फार्मेसी विभाग में अध्ययन किया जा रहा था। जब आयुर्वेद से संबंधित पौधों की जानकारी इकट्ठी की गई तो यह पता चला कि अखरोट और विधारा नामक पौधों में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो ब्रेन के उस हिस्से को स्वस्थ बनाते हैं, जहां पर ब्रेन स्ट्रोक का सबसे ज्यादा असर होता है। जेयू के प्रो. मुकुल तेलंग के अनुसार ब्रेन स्ट्रोक का अटैक आने के बाद प्रति सेकंंड में 32000 ब्रेन सेल क्षतिग्रस्त होती है। भारत में ज्यादातर 55 से 65 वर्ष के लोग ब्रेन स्ट्रोक से प्रभावित होते हैं। पिछले कुछ साल में 18 से 45 साल के युवाओं के मामले भी सामने आए हैं। जेयू की रिसर्च के दौरान अखरोट और विधारा के पौधों के हिस्सों का एक्सट्रेक्ट ऐसे चूहों को दिया गया, जिनके ब्रेन में ब्लड सप्लाई रोक दी गई थी। हर्बल एक्सट्रेक्ट के प्रयोग के बाद चूहों के ब्रेन के वह हिस्से स्वस्थ होने लगे, जिनमें ब्लड सप्लाई रोके जाने के बाद परेशानी शुरू हुई थी। इसके अलावा जिन सामान्य चूहों को हर्बल एक्सट्रेक्ट दिया गया और उसके बाद उनके ब्रेन की ब्लड सप्लाई रोकी गई तो वह ब्लड सप्लाई शुरू करने के बाद तुरंत सामान्य हो गए थे। रिसर्च के दौरान ब्रेन स्ट्रोक से संबंधित विभिन्न पैरामीटर जैसे ब्रेन इन्फार्केशन एरिया, बिहेवियर, एंटी ऑक्सीडेंट एक्टिविटी, बायोकेमिकल एवं ब्रेन के विभिन्न एरिया की हिस्टोपैथोलॉजिकल स्टडी को शामिल किया गया था। 


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