एटीएम से पैसे निकाल रहे हैं तो सवाधानी से अपने कार्ड  का इस्तेमाल करे: एसपी


पुलिस अधीक्षक ने दी एटीएम क्लोनिंग एवं एटीएम  बदलने से बचने के उपाय


अशोकनगर। पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने बताया कि जिले में लगातार एटीएम संबंधी अपराध घटित हो रहे है। इसका मुख्य कारण जनता का जागरूक न होना है। यदि नागरिक किसी लेन-देन या जरूरत पडने पर एटीएम मशीन से रुपये निकाल रहे हैं तो सवाधानी से अपने कार्ड का इस्तेमाल करे। 
पिछले कुछ समय से कार्ड क्लोनिंग एवं कार्ड बदलने के मामले सामने आ रहैं हैं, ठग बहुत ही टेक्निकल तरीके से आपके कार्ड की जानकारी लेकर मिनटों मे क्लोन कार्ड तैयार करते हैं। इस क्लोन से ठग लाखों रुपये का चूना लगा देते हैं। पीडित को इसका पता खाते से रुपये निकलने के बाद ही लगता है।  पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने बताया कि एटीएम संबंधी अपराधों में एटीएम क्लोनिंग एवं एटीएम को धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी गई है। 
ऐसे होती हैं डेविट एवं क्रेडिट कार्ड की क्लोनिेंग:. सायबर ठग बहुत ही खुफिया तरीके से एटीएम और क्रेडिट कार्ड का क्लोन तेयार करते हैं, इसके लिये वह स्कीमर मशीन का इस्तेमाल करते हैं,स्कीमर मशीन में कार्ड के स्वाइप करते ही आपके कार्ड की सारी डिटेल्स इस मशीन में कॉपी हो जाती हैं। इसके बाद ठग कम्प्यूटर और अन्य तरीकों से इस डाटा को खाली कार्ड में डालकर क्लोन तैयार करते हैं। ठग इसी क्लोन का इस्तेमाल कर दूर-दराज के इलाकों से आपके खाते से हजारों-लाखों रुपये निकालने का काम करते हैं। 
कार्ड बदलने के अपराधों में बरते ये सावधानियां तो हो सकता है बचाव: उपभोक्ता उस एटीएम से पैसे कभी न निकालें जहॉ पर गार्ड तैनात न हो।अपना एटीएम वह स्वंय ही प्रयोग करें किसी और को इस्तेमाल करने के लिये न दें। एटीएम केबिन में यदि कोई और है तो उसके बाहर निकलने पर ही मशीन का प्रयोग करें। सबसे विशेष एटीएम की मशीन में जहॉ पर कार्ड लगाया जाता है वहॉ पर उसे हल्का खींचकर देंखे, यदि क्लोनिंग मशीन फिट की गई होती तो वह हल्का खींचने पर अलग हो जावेगी । 
इसी तरह एटीएम प्रयोग करते समय जहॉं पर एटीएम कार्ड लगाया जाता है, वहॉ पर हरी लाईट जलने लगेगी, यह लाईट तब तक नहीं रुकेगी जब तक उपभोक्ता पैसे निकासी का कार्य कर कार्ड वापिस निकालकर आगे की ट्रांजक्सन के लिये केंसिल नहीं कर देते । यदि हरी लाईट नहीं जलती है तो इसका सीधा सा मतलब है कि मशीन के साथ किसी ने छेड़छाड़ कर उसे हैंग किया है। ऐसे में उस मशीन का प्रयोग न करें। एटीएम मशीन के कीपेड को बारीकी से देख लें कहीं उसके उपर कोई पतली फिल्म स्क्रीन तो नहीं लगी है। इस फिल्म स्क्रीन से आपके पिन को कॉपी किया जा सकता है। ट्रांजेक्शन के बाद निकलने वाली स्लिप को ध्यान से देख लें यदि स्लिप कहीं से कटी-फटी हुई है तो मशीन में कोई डिवाईस लगा हुआ है जिससे आपके कार्ड की जानकारी उसमें कॉपी हो सकती है। यदि ऐसा है तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। यदि आपको एटीएम के अंदर कोई संदिग्ध व्यक्ति मिलता है और वह आपके कार्ड एवं एटीएम के संबंध में जानकारी अनावश्यक प्रदाय करना चाहता है उसकी जानकारी तत्काल बैंक या पुलिस को दे ताकि उस संदिग्ध से पूछताछ की जा सके। एटीएम के कीपेड के उपर यदि कोई छोटी सी कोई डिवाईज लगी है तो इससे आपके एटीएम कार्ड के पिन की जानकारी कॉपी होती जाती है, तो इसकी जानकारी बैंक या पुलिस थाने में दें। उपरोक्त सावधानियों से पुलिस अधीक्षक अशोकनगर द्वारा आम नागरिकों को कराई गई जिससे एटीएम क्लोनिेंग एवं बदलने की घटनाओं से बचा जा सकता है।  


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