पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा शिवना का पानी


- रतलाम में पटरियां जलमग्न, दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग बाधित
- गांधीसागर बांध का जलस्तर १३१० फीट पहुंचने पर बांध के तीन छोटे स्लूज गेट खोले गए
- बुरहानपुर में ताप्ती का जलस्तर २२१ मीटर पर पहुंचा, ४० घंटे से खतरे के निशान से ऊपर बह रही
इंदौर। पांच मानसूनी सिस्टम की सक्रियता से प्रदेश के ज्यादातर शहरों में बारिश का दौर जारी है। नर्मदा, ताप्ती समेत कई नदियां उफान पर हैं। इंदौर में बीते चार दिन से लगातार पानी बरस रहा है। रात भर हुई तेज बारिश के बाद रतलाम स्टेशन पानी-पानी हो गया है। पटरियों पर पानी भरने से जनता एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा। यहां दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग बाधित हो गया। वहीं मंदसौर में शिवना नदी के उफान में होने से एक बार फिर पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में तक पानी पहुंचा है। लगातार पानी आने से गांधीसागर के २ गेट और कालाभाटा डेम के पांच गेट खोले गए हैं। मौसम विशेषज्ञ एसके नायक ने बताया कि अगले पांच दिन तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। मंदसौर में कलेक्टर मनोज पुष्प के अनुसार लगातार बारिश से गांधी सागर बांध में पानी की आवक तेज हो गई है। १३१० फीट तक जलस्तर पहुंचते ही मंगलवार को बांध के तीन छोटे स्लूज गेट खोल दिए गए, इससे ५८०९५ क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र जैसे राणा प्रताप सागर रावतभाटा, कोटा बैराज कोटा में अलर्ट जारी किया गया है। खरगोन के बड़वाह में नर्मदा का जलस्तर पिछले दो दिनों से १६२.६०० मीटर के आसपास है। जलस्तर खतरे के निशान से करीब सवा मीटर नीचे है। खतरे का निशान १६३.९०० मीटर पर है। ओंकारेश्वर बांध के १४ गेट व ८ टरबाइन से करीब ११३०० क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जलस्तर बढऩे की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी ने पूरे दिन नावघाटखेड़ी क्षेत्र में जलस्तर पर नजर रखी। महेश्वर में लगातार बारिश व ओंकारेश्वर बांध का पानी छोडऩे से नर्मदा का जलस्तर १४४ मीटर पर रहा। यह सामान्य १४० मीटर से चार मीटर ज्यादा है। अहिल्या घाट की रपट पर पानी भर गया। पर्यटक व श्रद्धालुओं की भीड़ व उनके सेल्फी लेने के बीच खतरे को देखते हुए अहिल्या घाट के मुख्य द्वार को बंद करवा दिया। पर्यटक एवं श्रद्धालुओं ने किले के अंदर मुंडेर और झरोखों से ही नर्मदा की बाढ़ का नजारा देखा। २०१३ में भी नर्मदा की बाढ़ के बाद अहिल्या घाट स्थित किला के मुख्य द्वार को बंद किया गया था। एसडीएम का कहना है सुरक्षा के लिहाज से द्वार बंद किया है। खरगोन के भगवानपुरा में रायसागर पुलिया पार कर रहे बाइक सवार युवक को बहने से बचाया गया। युवक की बाइक बह गई। जानकारी के अनुसार सोमवार को सुबह करीब ९ बजे बाढ़ के दौरान युवक चिढ़ा पिता भंगी (३४) निवासी सिरवेल पुलिया पार 
करने लगा। इसी दौरान वह बाइक सहित बहने लगा। करीब ५० फीट दूर बहते युवक को भाजपा अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रेमसिंह सिसौदिया ने ग्रामीणों की मदद से बचा लिया। युवक की बाइक बह गई। प्रेमसिंह ने बताया कि युवक शराब पीया था। मंदसौर में अब तक ५०.४ इंच बारिश हो गई है, जो औसत बारिश से १८ इंच ज्यादा है। जिले की औसत बारिश ३२ इंच है। पिछले साल अब तक मंदसौर में २० इंच ही बारिश हुई थी। नीमच में अब तक ४२.३ इंच बारिश हो गई है जबकि सामान्य औसत बारिश ३२.३ इंच है। सुवासरा-गुराडिय़ा नाला उफान पर होने से अंडरब्रिज में पानी भरा गया। इसके बाद भी मंदसौर से भानपुरा तरफ जा रही श्रीराम बस क्रमांक एमपी ०९ एफए ५७५१ को ड्राइवर ने नाले में उतार दिया। अंडरब्रिज के बीच पहुंचते ही बस बंद हो गई व करीब ३५ यात्री फंस गए। यात्रियों को एक-एककर रस्सी के सहारे बाहर निकाला गया। 
बुरहानपुर जिले में ताप्ती नदी पिछले ४० घंटे से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बारिश भी लगातार जारी है। बैतूल के चांदुरा डेम में क्षमता से अधिक पानी भरने के कारण इसके गेट खोल दिए गए हैं। इससे ताप्ती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। सोमवार रात १२ बजे ताप्ती का जलस्तर २२१.३५० मीटर पर पहुंच गया। २०१३ के बाद ऐसी स्थिति बनी है कि ताप्ती नदी लगातार तीसरे दिन भी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हो। २०१३ में जलस्तर २३४ मीटर तक पहुंचा था। तब से नदी में बाढ़ भी नहीं आई थी। पांच साल बाद शहर में ३२ इंच बारिश हुई है। इसके पहले वर्ष २०१४ में ३७ इंच बारिश दर्ज की गई थी और यह जिला बनने के बाद से शहर की सबसे अधिक बारिश है। जिले में पिछले २४ घंटे से लगातार बारिश हो रही है। अब तक जिले में ३२ इंच औसत बारिश हुई है, यह वार्षिक औसत बारिश से सिर्फ एक इंच ही कम है। 
उज्जैन की जीवाजी वेधशाला के मुताबिक पिछले २४ घंटे में शहर में १७ मिमी बारिश हुई। शहर में अब तक ३१.९ इंच बारिश हो चुकी है जबकि पिछले साल २६ अगस्त तक शहर में २८.९ इंच बारिश हुई थी। यानी पिछले साल की तुलना में शहर में २.९८ इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। औसत बारिश ३६ इंच है। उज्जैन जिले में पिछले साल से लगभग दो गुना बारिश हो चुकी है। जिले में अब तक ४०.८४ इंच बारिश हो चुकी है। जबकि पिछले साल इन दिनों तक २३.९२ इंच बारिश हुई थी। जो कि १६.८८ इंच ज्यादा है। उज्जैन जिले के नागदा, घट्टिया, तराना, बडऩगर, खाचरौद में अच्छी बारिश हुई है। मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार मंगलवार को भी अच्छी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने रतलाम, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, देवास, आगर, शाजापुर, इंदौर, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, रायसेन, राजगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी,  नरसिंहपुर, होशंगाबाद, हरदा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, सागर, गुना, श्योपुरकलां में आगामी २४ घंटे में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, छिंदवाड़ा,  जबलपुर, होशंगाबाद सहित प्रदेशभर में रिमझिम बारिश की संभावना है। 


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